Sh. Lokesh Kumari Awasthi

लक्ष्मंगढ़ ब्लॉक के एक छोटे से गाँव खुडीयाना का रहने वाले इस किशोर का नाम लोकेश कुमार अवस्थी है | लोकेश के तीन भाई एवं एक बहन है |  बचपन में लोकेश जातीगत भेदभाव किया करता था, जैसे यदि वो विद्यालय में पानी की बोतल भूल जाए तो वह पुरे दिन बिना पानी पिये रहता था और शाम को अपने घर आने के बाद ही पानी पीता था | सभी जाति के लोग एक साथ रहते थे, इसलिए यह किशोर उनसे दूरी बनाये रखता था |

इस किशोर का दूसरा दशक से सम्पर्क सन 2009 जीवन कौशल प्रशिक्षण से जुड़ाव में हुआ | जब लोकेश ने जीवन कौशल प्रशिक्षण में भाग लिया उसे महसूस हुआ की यहाँ तो पढाई करवाने का तरीका विद्यालय से बिलकुल ही अलग है और जो यहाँ पढाया जाता था वो ना कभी विद्यालय में देखा था ना सुना था | वहा सबका एक साथ रहना, एक साथ भोजन करना एवं भोजन करने के पश्चात् अपनी प्लेट स्वयं धोना | जीवन कौशल प्रशिक्षण में रहते हुए लोकेश यह सोचने लगा की आखिर हम सब आपस में भेदभाव करते क्यों है ? क्योंकि जीवन कौशल प्रशिक्षण में तो यही बताया जाता है की सभी इन्सान एक जैसे ही है | सभी के दो हाथ, दो पैर, दो आँख, सभी का खून भी लाल है तो फिर क्यों इन्सान आपस में भेदभाव करता है ? आज लोकेश ने दूसरा दशक के 2-3 जीवन कौशल प्रशिक्षण में भाग लिया | लोकेश कहता है की “आज वह बिलकुल भी भेदभाव नहीं करता है, एवं किसी के भी साथ रह सकता है, खाना खा सकता है” |

अभी लोकेश खुडीयाना गाँव के युवा मंच का अध्यक्ष है, जो दूसरा दशक के सहयोग से कार्य करता है | लोकेश व उसके साथी मिलकर गाँव के कई कार्यों में वहां के सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा सहयोग करते है | वहां के सरकारी कर्मचारी कई ऐसे कार्य तो केवल टेलीफोनिक वार्ता के माध्यम से ही कर देते है | इस तरह लोकेश व उसके साथियों का सरकारी कर्मचारियों के साथ भी काफी अच्छा रिश्ता है |

खुडीयाना गाँव में फ़रवरी, 2018 माह में लोकेश व उसके साथियों द्वारा अन्य शहरों की तर्ज पर  “नेकी की दीवार” बनाई गयी | इस कार्य में वहां के सरकारी कर्मचारी एवं कम्युनिटी भी सहयोग कर रही है | “नेकी की दीवार” एक ऐसी दीवार है,  जिसमे वह लोग वहा के स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों से सम्पर्क करके उनसे वह कपडे इकट्ठे करते है, जो कटे-फटे नहीं हो एवं पहनने लायक हो | उन कपड़ो को लक्ष्मंगढ़ ब्लॉक के 4 से 5 तय जगहों पर टांगा जायेगा | ज़रूरतमंद लोग वहा आकार उन कपड़ो में से अपनी ज़रूरत के अनुसार ले जायेंगे | उन कपड़ो को किसी भी व्यक्ति को बांटा नहीं जायेगा, क्योंकि उन्हें ऐसा ना लगे की वह गरीब है और इसलिए उन्हें बांटा जा रहा है | इस “नेकी की दीवार” की योजना वहा के युवा शक्ति संगठन व SDM के साथ मिलकर बनाई है |

वर्तमान में लोकेश विज्ञान का एक होनहार विद्यार्थी है, 12वीं कक्षा में लोकेश ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किये थे | शिक्षा से लोकेश की समझदारी बढ़ी है | वह कई ऐसे कार्य करता है जो उसके अन्य दोस्त नहीं कर पाते है | इसके कई उदाहरण है: जैसे

लक्ष्मंगढ़ में जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है | वहा पर प्रसव करवाने हेतु कोई महिला नर्स नहीं थी | वहां का पुरुष कर्मचारी ही महिलाओं का प्रसव करवाता था | जो की काफी शर्म की बात थी | इसलिए लोकेश ने युवा शक्ति संगठन के सदस्यों एवं कम्युनिटी के साथ मिलकर में राजस्थान सरकार मंत्री को ज्ञापन दिया जो दिसम्बर, 2017 माह में लक्ष्मंगढ़ ब्लॉक में आये थे | लेकिन उनके द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया | इसलिए उस मंत्री द्वारा उनकी बात नहीं सुनने पर उस मंत्री के विरोध में नारे लगाये | ऐसा दो बार करने पर मंत्री ने लोकेश एवं युवा शक्ति संगठन से बात की और कहा की वह सोमवार को जयपुर में उनके निवास स्थान पर आकर मिले, और विश्वास दिलाया की उनका कार्य भी किया जायेगा | इसके पश्चात् जब लोकेश व युवा शक्ति संगठन के सदस्य उनके निवास स्थान पर पहुचे तो इन सभी के साथ काफी अच्छा व्यवहार किया एवं दिए हुए ज्ञापन पर तत्काल हस्ताक्षर किये | मंत्री जी द्वारा उसी समय CMHO को तत्काल टेलिफोन पर आदेश दिया की, किये जा रहे deputation को निरस्त किया जाये जिसे CMHO द्वारा तुरंत निरस्त कर दिया गया | लेकिन deputation निरस्त होने के 12 दिन बाद भी नर्स की जोइनिंग नहीं हुयी | फिर लोकेश व उसके साथी CMHO के पास गए और दो दिन के पश्चात् महिला नर्स द्वारा जोइनिंग की गयी |

इसी प्रकार लोकेश व युवा मंच के साथियों ने लक्ष्मंगढ़ में “पाराशर ई-मित्र” की शिकायत राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से की | पाराशर ई-मित्र द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही थी | शिकायत के 15 दिन के पश्चात् उस ई-मित्र की आई.डी. ब्लॉक कर दी गयी | ई-मित्र संचालक द्वारा अपनी गलती को स्वीकारा गया और उसने विश्वास दिलाया की भविष्य में निर्धारित शुल्क के अनुसार ही राशि ली जाएगी | पटवारी द्वारा जाँच रिपोर्ट तैयार करने के पश्चात् पारासर ई-मित्र की आई.डी. को चालू किया गया |

लोकेश के कार्यों का एक और उदाहरण है की अलवर में बनाये गए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पीटल, छः मंजिला मेडिकल कॉलेज एवं चार मंजिला भवन रोगियों के परिजनों को ठहरने की सुविधाओं को सरकार द्वारा चालू नहीं करवाया जा रहा था | इस हेतु लोकेश ने युवा शक्ति संगठन के सदस्यों के साथ मिलकर दिसम्बर, 2016 में लक्ष्मंगढ़ में हस्ताक्षर महा अभियान चलाकर 1250 युवाओं व आमजन के हस्ताक्षर करवाये एवं प्रधानमंत्री के नाम मेडिकल कॉलेज एवं सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पीटल, अलवर को चालू करने के लिए उपखण्ड अधिकारी, लक्ष्मणगढ़ को ज्ञापन दिया गया । मार्च, 2018 में दिल्ली से आई समिति द्वारा इस विषय की जांच की कई | अतः अप्रैल 2018 से हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज की प्रारंभ होने की संभावना है |

दूसरा दशक द्वारा दिए गए जीवन कौशल प्रशिक्षण एवं सहयोग से आज लोकेश अपने गाँव का एक जागरूक नागरिक है |

Sh. Lokesh Kumari Awasthi